गुर्जर आंदोलन खत्म

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आठ घंटे की बातचीत में हुआ समझौता
जयपुर. आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 17 दिन से रेल पटरियों पर बैठे गुर्जरों और सरकार के बीच बुधवार को समझौता हो गया। आठ घंटे तक चली बातचीत में सरकार ने गुर्जरों की अधिकांश मांगें मान ली। इसके बाद गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैसला ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि गुरुवार को पीलूपुरा में दिल्ली-मुंबई ट्रैक से धरना हटा लिया जाएगा। उधर, समझौते की सूचना मिलते ही पीलूपुरा में टै्रक पर उत्सवी माहौल दिखा।
गुर्जरों और सरकार के बीच ११ बिंदुओं पर सहमति हुई। इनके क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें गृह विभाग के उपशासन सचिव ओपी यादव भी शामिल होंगे। वार्ता से पहले बैसला ने अपने 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से फीडबैक लिया। प्रतिनिधियों ने समझौते के लिए बैसला को अधिकृत किया।
ऐसे निकली समझौते की राह
सरकारी वार्ताकारों मे गृह मंत्री शांति धारीवाल, ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और यातायात मंत्री बृजकिशोर शर्मा के साथ मुख्य सचिव एस. अहमद, डीजीपी हरिश्चंद्र मीना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। समझौता ड्राफ्ट तय हो जाने के बाद कर्नल बैंसला ने चुनिंदा प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से इस पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद बैंसला ने रात 10 बजे इस पर सहमति जताते हुए आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी। समझौते के अंतिम मसौदे पर बैसला और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के देव ने हस्ताक्षर किए।
गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल : कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला, कैप्टन हरप्रसाद तंवर, डॉक्टर रूप सिंह, एडवोकेट अतर सिंह, कैप्टन जगराम, हिम्मतसिंह गुर्जर, श्रीराम सरपंच, दीपक करेला, छींगाराम, टीकम सिंह, मनफूल, ओमप्रकाश भडाना, राजाराम तंवर, बाबूलाल समोणा, अजीतसिंह, देवाराम कटारिया, एडवोकेट रंगलाल, हाथीराम, खेमाराम देवासी, भेराराम देवासी और मांधाता सिंह।
इन मांगों पर भी सहमति 
  •  देवनारायण बोर्ड का बजट बढ़ाने का फैसला विधानसभा के आगामी बजट सत्र में किया जाएगा। 
  •  एसबीसी आरक्षण का अंतिम फैसला होने के बाद इसे नवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। 
  •  जिन हथियार लाइसेंस के मामलों में आपराधिक मामला नहीं होगा उनके लाइसेंस रिन्यू होंगे तथा जब्त हथियार लौटा दिए जाएंगे।  
  •  आंदोलनों  के दौरान अपाहिज होने वालों को मापदंडों में छूट देकर विकलांग पेंशन दी जाएगी। 
  • आंदोलनों में गंभीर घायलों को इलाज के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
  • निजी अस्पताल में इलाज करवाने वाले घायलों को सरपंच या स्थानीय निकाय जनप्रतिनिधि का प्रमाण पत्र मेडिकल बिल के साथ देने पर मुआवजा दिया जाएगा। 
  •  मृतक आश्रितों को नौकरी : गुर्जर आंदोलनों में सभी मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 
  •  एसबीसी की जातियों के लिए एसटी विकास की तर्ज पर योजनाओं का विशेष पैकेज बनाया जाएगा। 
  • एसबीसी छात्रों को एससी एसटी की तर्ज पर प्री और पोस्टमैट्रिक छात्रवृतियां मिलेंगी। छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा बढ़ेगी। एसबीसी बहुल इलाकों में स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान, और छात्रावास की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 
  • निजी अस्पताल में इलाज करवाने वाले घायलों को सरपंच या स्थानीय निकाय जनप्रतिनिधि का प्रमाण पत्र मेडिकल बिल के साथ देने पर मुआवजा दिया जाएगा। 
  •  मृतक आश्रितों को नौकरी : गुर्जर आंदोलनों में सभी मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 
  •  एसबीसी की जातियों के लिए एसटी विकास की तर्ज पर योजनाओं का विशेष पैकेज बनाया जाएगा। 
  •  एसबीसी छात्रों को एससी एसटी की तर्ज पर प्री और पोस्टमैट्रिक छात्रवृतियां मिलेंगी। छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा बढ़ेगी। एसबीसी बहुल इलाकों में स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान, और छात्रावास की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 
गुर्जर समाज के नेता बधाई के पात्र
ञ्चबहुत अच्छे माहौल में बातचीत हुई है, समझौते के बाद अब शांति और भाईचारे से आगे बढ़ेंगे। प्रदेश में तनाव का माहौल बना हुआ था, वह अब समाप्त हो गया है। इसके लिए कर्नल बैसला और गुर्जर समाज के नेता बधाई के पात्र हैं। हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार समझौते की पालना में काम करेंगे ताकि जल्द राहत मिले। 
अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री
मैं संतुष्ट हूं
सरकार ने गुर्जरों को रिजर्वेशन देने की गारंटी दी है। मैं सरकार पर विश्वास कर रहा हूं। सरकार से मेरी और मेरे प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बात होने के बाद विश्वास पैदा हुआ। अब जनहित में आंदोलन स्थगित कर रहा हूं, मैं संतुष्ट हूं। 
कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला, संयोजक, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति


आरक्षण : अभी %, % के लिए सर्वे
गुर्जरों को % आरक्षण पहले की तरह मिलता रहेगा। शेष बचे % आरक्षण दो विकल्पों से मिलेगा-
विकल्प 1 : सरकार हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगी और विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) का सर्वे पूरा नहीं होने तक ५त्न आरक्षण जारी रखने का तर्क रखेगी। जरूरत पड़ी तो सुप्रीमकोर्ट भी जाएगी।
विकल्प : हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार एसबीसी की जातियों का पिछड़ापन साबित करने के लिए छह
माह में सर्वे पूरा कराया जाएगा। सर्वे के बाद एसबीसी में और जातियां जुड़ती हैं तो आरक्षण अलग से बढ़ा
दिया जाएगा।
भर्तियां : नहीं रुकेंगी, %पद रिजर्व
नई भर्तियां जारी रहेंगी। इनमें ४त्न पद एसबीसी के लिए सुरक्षित रहेंगे। हाईकोर्ट की तय प्रक्रिया पूरी होने के
बाद एक विशेष अभियान चलाकर तीन महीनों में ये पद भरे जाएंगे। एसबीसी को इसके लिए आयु सीमा में छूट भी मिलेगी। 
रोस्टर प्रणाली में बदलाव होगा
फिलहाल एसबीसी को रोस्टर प्रणाली में ९७वें नंबर पर आरक्षण दिया जा रहा है। इस कारण ९७ नौकरी निकलने पर एक पद आरक्षित रहता है। चार प्रतिशत आरक्षण का फैसला होने पर इसमें बदलाव होगा और २०, ४०, ६०, ८० बिंदु पर आरक्षण मिलेगा।
मुकदमे : सदस्यीय समिति निबटाएगी
आरक्षण आंदोलनों में गुर्जरों पर दर्ज 170 मामलों का गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके देब की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी दो महीने में निपटारा करेगी। तेलंगाना में आंदोलनकारियों को रिहा करने के तरीके की जानकारी ली जाएगी। इस पैटर्न को यहां भी लागू किया जा सकता है। सरकार मुकदमे वापस लेने के लिए  केंद्र और रेलवे को पत्र लिखेगी।  th>

यूं मिलेगा आरक्षण 
विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के 1प्रतिशत आरक्षण को रोस्टर में  के अनुसार प्राथमिकता दे सुरक्षित करने पर सहमति।  
क्या होगा? : एसबीसी को रोस्टर के पहले 20 नंबरों में शामिल किया जाएगा। इससे अगर 20 नौकरियां घोषित होती हैं तो एसबीसी को एक प्रतिशत का लाभ मिल सकता है। अगर 97 नौकरियां एक साथ निकलती हैं एक प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा बाकी 4 प्रतिशत सीटें रिजर्व रहेंगी। 
नौकरियों की राह खुली 
कर्नल बैसला और सरकार के बीच हुए समझौते में इस बात पर सहमति बन गई है कि पूर्व में घोषित एक लाख नौकरियां नहीं रोकी जाए। गुर्जर इन नौकरियों को रोकने की मांग पर अड़े थे और इसी कारण पिछले कई दिनों से बातचीत के बाद सुलह नहीं हो पाई थी। 
डाटा कलेक्शन ६ माह में 
सरकार छह माह में साइंटिफिक डाटा कलेक्शन कर गुर्जरों के बाकी के चार प्रतिशत आरक्षण का फैसला करेगी। यह डाटा कलेक्शन समूचे ओबीसी का होगा। कोर्ट का फैसला लागू करने के लिए तय किया गया 2 माह का समय इससे अलग हैं। पिछड़ेपन के मापदंड तय करने में गुर्जरों की राय ली जाएगी।  
मुकदमे जल्द निबटेंगे  
आरक्षण आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों का निपटारा करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के. देब की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी जो मामलों की समीक्षा कर निपटारा करेगी। मुकदमों के कारण नौकरियों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए कलेक्टर सहयोग करेंगे। वे चरित्र प्रमाण पत्र दिलवाएंगे जिससे गुर्जरों को नौकरियां मिल सकेंगी। 
देवनारायण बोर्ड का बजट बढ़ेगा 
देवनारायण बोर्ड पूरे एसबीसी वर्ग के लिए संपूर्ण राजस्थान में काम करेगा। इसका बजट 500 करोड़ करने के साथ ही सालाना वृद्धि की जाएगी। इसमें अध्यक्ष गुर्जर समाज से होगा और सदस्य बाकी रैबारी, बंजारा, गाडिय़ा लुहारों में से हो सकते हैं।  
रिव्यू पिटिशन दायर करेंगी सरकार   
गुर्जरों के साथ वार्ता में सरकार ने भरोसा दिलाया है कि गुर्जर आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट की ओर से दिए फैसले पर सरकार रिव्यू पिटिशन दायर करेगी। इस पिटिशन में हाईकोर्ट के फैसले से पहले की स्थिति यथावत रखने का आग्रह किया जाएगा।
दैनिक भास्कर से साभार

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