Friday, September 10, 2010

राजस्थान विश्वविद्यालय में खुली राजेश पायलट स्मृति रिमोट सैंसिंग लैब

केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट ने किया उद्घाटन
राजस्थान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में स्व. राजेश पायलट की स्मृति में रिमोट सैंसिंग लेब के
उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलित करते केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट।
जयपुर. केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि भारत और खासकर राजस्थान के युवाओं में बहुत टैलेंट है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में आईटी के क्षेत्र में युवाओं की पकड़ के बिना उनका विकास संभव नहीं है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आज आमजन की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजेश पायलट की स्मृति में स्थापित दूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना तंत्र प्रयोगशाला के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राजेश पायलट की स्मृतियों को ताजा करते हुए सचिन ने कहा कि पिताजी ने 1980 में पहला चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले इस यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में भाग लिया था। आधुनिक तकनीकी से युक्त रिमोट सेंसिंग लैब जैसे ज्ञान के खजाने नई पीढ़ी व प्रदेश की दिशा और दशा बदलने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी से निकले युवा बड़े-बड़े ओहदों पर पहुंचे हैं। इतने बड़े ज्ञान के मंदिर को आधुनिक तकनीकी से युक्त ज्ञान के खजाने में बदला जाए तो हजारों युवाओं का भविष्य सुधर सकता है।
उच्च शिक्षा मंत्री जितेन्द्रसिंह ने कहा कि अब राजस्थान धोरों का प्रदेश नहीं रहा। उन्होंने बताया कि 18 और यूनिवर्सिटी खुलने वाली हैं, जिन्हें मिलाकर प्रदेश में 50 यूनिवर्सिटी हो जाएंगी। मिलीट्री साइंस जैसे नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान देश में प्रथम है।
विशिष्ट अतिथि कार्यवाहक कुलपति प्रो. ए.डी. सावंत ने कहा कि रिमोट सैंसिंग लैब से प्रदेश के दूर दराज के इलाकों की भौगोलिक स्थिति और पारिस्थितिक विषमताओं का पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे पहले विभाग में फिस्ट समन्वयक प्रो. आर. डी. गुर्जर, प्रो. एच.एस. शर्मा आदि ने अतिथियों का स्वागत किया व लैब की जानकारी दी। इसके बाद सचिन पायलट ने फीता काटकर लैब का उद्घाटन किया।

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