आरक्षण के लिए कोई भी कुर्बानी

Powered by Blogger.
गाजीपुर महापड़ाव का दूसरा दिन
(दौसा जिला). आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व गुर्जर नेताओं ने दोहराया संकल्प, आरक्षण से नीचे कुछ भी स्वीकार नहीं
आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता डॉ. रूपसिंह गुर्जर ने कहा कि राजस्थान के गृहमंत्री गुर्जर समाज के लोगों के लिए चेतावनी दे रहे है, किंतु समाज के लिए चेतावनी की जरूरत नहीं है। कसम खाई है कि 26 मार्च को राजस्थान का अकेला पुष्कर ही नहीं हिलेगा, बल्कि राजस्थान का हर जिला व तहसील गूंज उठेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जिन लोगों ने बलिदान दिया, वे लोग समाज के लिए अमर हो गए है। आंदोलन की बदौलत गुर्जरों में गौरव जागा है। यहां तक कि गुर्जरों के हक में राज्यपाल, आरपीएससी सदस्य और देवनारायण बोर्ड आया, यह सब कुछ आंदोलन की ही देन है। आंदोलन के कारण समाज के छोटे बच्चों में सपने जाग गए है। आज सभी का एक ही आरक्षण का लक्ष्य है।  गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष कै. हरप्रसाद तंवर ने कहा कि 26 मार्च से पहले मुख्यमंत्री गुर्जरों को उनका आरक्षण दे दें, अन्यथा गुर्जरों की ओर से जो झटके मिलेंगे। उन्हें वे दो दिन भी नहीं झेल पाएंगे। पूर्व विधायक हरज्ञानसिंह ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार गुर्जरों को उनका हक देने में आनाकानी कर रही है, जो गुर्जरों के सब्र की परीक्षा है।
टोंक के बहादुरसिंह ने कहा कि राज्य के गृहमंत्री शांति धारीवाल शांति की बजाय अशांति की भूमिका निभा रहे है। गंगापुरसिटी के मानसिंह गुर्जर ने कहा कि मौजूदा सरकार गुर्जरों का हक मारने का प्रयास कर रही है। गुर्जरों को भ्रमित कर सरकार कोई सफलता प्राप्त नहीं कर सकती। गुर्जर लोकतांत्रिक तरीके से कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला के नेतृत्व में न्याय की लड़ाई लड़ रहे है। गुर्जर नेता बंटी भरतपुर ने कर्नल बैसला के नेतृत्व में आरक्षण की लडाई लडने एवं गुर्जर समाज के एकजुट होने की बात कही।
दिल्ली के वीरसिंह पहलवान ने कहा कि सरकार ने भर्तियां शुरू कर गुर्जरों को उनके हक से वंचित किया तो प्रदेश का गुर्जर चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी नीतियों से राजस्थान में गुर्जरों को नक्सली बनाने का कार्य कर रही है। महिला नेता अलका सिंह एवं आरक्षण संघर्ष समिति के एडवोकेट अतरसिंह ने कहा कि समाज के जनप्रतिनिधि गुर्जरों का पक्ष लेने के बजाय सरकार की भाषा बोल रहे है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि समाज का साथ नहीं देने वाले मौका परस्त नेताओं को समाज सबक सिखा देगा।
संघर्ष समिति के ऊदलसिंह पेंचला ने कहा कि सरकार अदालत की आड़ लेकर आरक्षण को लटकाए रखना चाहती है, जबकि सरकार को गुर्जरों के साथ न्याय करते हुए अदालत में पैरवी कर गुर्जर समाज को उनका न्यायोचित हक दिलवाते ताकि समाज के युवा सरकारी नौरी में आ सके। समिति के महेंद्रसिंह खेडला ने कहा कि सरकार की नीयत में जो खोट है, उसे समाज के लोग अच्छी तरह समझ चूके है।

0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment

Gadget

This content is not yet available over encrypted connections.

Gadget

This content is not yet available over encrypted connections.

सबसे ज्यादा देखी गईं