Thursday, May 13, 2010

सिकंदरा में गुर्जर महापंचायत आज

तैयारियां पूरी, गुर्जरों ने खारिज किया बैसला का फैसला, गुर्जर नेता व अधिकारियों ने लिया जायजा
(दौसा जिला). आरक्षण के मुद्दे को लेकर गुर्जरों का भाजपा से जुड़ा गुट गुरुवार को दौसा जिले के सिकंदरा में महापंचायत करेगा। इस गुट ने बैसला की ओर से सरकार के साथ किए गए समझौते को नकारते हुए नए सिरे से आंदोलन का ऐलान किया है। महापंचायत में शांतिपूर्ण आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।  अब इस आंदोलन की कमान दिल्ली के पूर्व विधायक रामवीरसिंह विधूड़ी ने संभाली है। भाजपा के पूर्व मंत्री नाथूसिंह गुर्जर, कालूलाल गुर्जर, पूर्व जिला प्रमुख रामगोपाल गार्ड, पूर्व महापौर शील धाभाई सहित कई गुर्जर नेता भी विधूड़ी के साथ आंदोलन में जुड़े हैं।  राजस्थान गुर्जर महासभा के संगठन महामंत्री अमरसिंह कसाना के अनुसार महापंचायत गुरुवार को सुबह 11 बजे सिकंदरा चौराहे से थोड़ा आगे आयोजित होगी। इसमें गुर्जर समाज के प्रमुख लोग और पंच पटेल शामिल होंगे।
महापंचायत के लिए सिकंदरा और आसपास के इलाकों में गांव गांव में जाकर लोगों को महापंचायत में आने के लिए न्यौता दिया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि उनके आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है और गुरुवार को महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होंगे। गुर्जरों की मांग है कि उन्हें सरकार वादे के मुताबिक 50 प्रतिशत के अंदर 5 प्रतिशत आरक्षण दे। इसमें 4 प्रतिशत ओबीसी में कम किया जाए और 1 प्रतिशत बचा हुआ देकर उनका कोटा पूरा किया जाए। गुर्जरों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने के साथ ही जेलों में बंद आंदोलनकारियों को रिहा किया जाए। पिछले आंदोलनों में नि:शक्त हुए लोगों को पेंशन दी जाए।
बैसला 50 करोड़ का हिसाब दें 
विधुड़ी ने पत्रकार वार्ता में बैसला को समाज का सौदागर बताया
दौसा. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक रामवीर सिंह विधुड़ी ने कहा कि पिछली बार आंदोलन के बाद दिल्ली वालों की तरफ से बैसल को 50 करोड़ रुपए दिए गए थे। बैसला को उसका हिसाब देना चाहिए। बुधवार को यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला समाज का सौदागर है। उन्होंने कहा कि बैसला के दिमाग का दीवाला निकल गया है। कर्नल अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। आंदोलन के बाद दिल्ली वालों ने 50 करोड़ की सहायता पहुंचाई थी। उस दौरान मैं भी समाज की सहायता कर रहा था। पीलूपुरा आंदोलन के समय भी हमने सहायता की। उन्होंने कहा कि सरकार से पहले समझौते में कर्नल ने अपनी गरीबी रखी। भाजपा से टिकट ले लिया। विधुड़ी ने कहा कि अब गुर्जरों के लिए नए सिरे से आरक्षण लिया जाएगा। महापंचायत के बाद जिला स्तर पर धरना देंगे। 
बैसला पर आरोप बेबुनियाद
बाल युवा गुर्जर महासभा के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर कालोता ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। रामवीर सिंह विधुड़ी कर्नल बैसला को समाज के बीच बदनाम करना चाहते हैं। कर्नल बैसला ने नेतृत्व कर समाज का नाम किया है तथा पहले 14 प्रतिशत सवर्णों को आंदोलन के माध्यम से आरक्षण दिलवाया। जिस पर सरकार की मोहर लगी। अब कर्नल ने सरकार से समझौता कर गुर्जर समाज को एक प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करके दिलवाया है। पूरे राजस्थान के गुर्जर ने माना है।

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