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गुर्जर आरक्षण : सिकंदरा के पास 5 को बुलाई महापंचायत

गुर्जर नेता अतरसिंह भडाना और नाथूसिंह गुर्जर करेंगे महापंचायत की अगुवाई, गुर्जर आंदोलनों में नेतृत्व की भूमिका पर उठाए सवाल

जयपुर. गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला के नेतृत्व को चुनौती देते हुए एक धड़े ने 5 जुलाई को सिकंदरा के पास कैलाई भोजपुरा में महापंचायत बुलाई है। गुर्जर नेता अतर सिंह भडाना ने शनिवार को मीडिया से कहा कि महापंचायत में समाज के सभी लोग बुलाए हैं। गुर्जर समाज की आरक्षण की लड़ाई में नेतृत्व के स्तर पर कमियां रहीं, जिसकी वजह से समाज के 72 बेटों के बलिदान के बावजूद उसका हक नहीं मिल पाया। आरक्षण की मांग पर इतने आंदोलन हुए लेकिन नेतृत्व स्तर पर कुछ कमियां रहीं, जिनकी वजह से समाज आज भी वहीं है, जिस मांग को लेकर वह चला था।
उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज ने आरक्षण आंदोलन को लेकर पांच साल में क्या खोया-क्या पाया, इस पर महापंचायत में विचार होगा और रणनीति तय होगी। इसमें लिया गया फैसला सामूहिक नेतृत्व का होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गुर्जरों और अन्य चार जातियों को 1 प्रतिशत आरक्षण एसबीसी में दिया है। सरकार से मांग है कि वह ओबीसी में से इन जातियों की जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण कर जितना प्रतिशत आरक्षण जनसंख्या के आधार पर आता है वह दिया जाए।

चुनाव तक आरक्षण को टालना चाहती है सरकार : नाथू सिंह

पूर्व मंत्री नाथूसिंह गुर्जर ने कहा कि गुर्जरों को एसबीसी में पांच प्रतिशत आरक्षण देने में सरकार की मंशा साफ नहीं है। हाई कोर्ट ने सरकार को चार माह में सर्वे करवाकर क्वांटिफाइड डाटा भेजने के आदेश दिए थे। सरकार के खिलाफ हाई कोर्ट की अवमानना का मामला बनता है। हम हाईकोर्ट जाएंगे। हाईकोर्ट ने सरकार को चार माह का समय दिया था, सरकार ने ओबीसी आयोग ही अभी बनाया है। इसका मतलब है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है और वह गुर्जर आरक्षण के मामले को चुनाव तक लटकाना चाहती है। यह तय है कि सरकार आरक्षण नहीं देगी, अगले चुनाव तक ।

आरक्षण को लेकर भाजपा ने गुर्जरों से कोई वादा नहीं किया था

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा भाजपा ने गुर्जरों को आरक्षण देने का कोई वादा नहीं किया था। परिवर्तन यात्रा के दौरान पिछली बार लोगों ने मांग उठाई थी तब हमने कहा था कि सरकार बनने पर देखा जाएगा कि इस मामले में क्या किया जा सकता है। गुर्जरों को  एसटी में आरक्षण देने की हमारी की मांग जारी है, यह केंद्र का विषय है।


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