Saturday, August 06, 2011

विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए 41 छात्रावास इसी सत्र से

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी छात्रावासों को किराये के भवनों में चलाने की अनुमति
जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विशेष पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए शुरू की गई देवनारायण योजना के तहत 200 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज में 41 छात्रावासों को इसी शैक्षणिक सत्र से किराये के भवनों में चलाने की अनुमति दे दी है।
एसओबी के छात्रों के लिए छात्रावासों के संचालन पर इस वित्तीय वर्ष में 5.50 करोड़ रुपए की मंजूरी भी मुख्यमंत्री गहलोत ने दी है। विशेष पैकेज के तहत बूंदी, अजमेर, करौली, एवं पाली में तीन-तीन, जयपुर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टौंक, भीलवाड़ा, जालौर एवं सिरोही में दो-दो, धौलपुर, अलवर, चित्तौडगढ़, राजसमन्द, सीकर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, झालावाड़, बांरा, कोटा एवं बाडमेर में एक-एक छात्रावास अनुमोदित किया गया है।
टोंक में खुलेगा देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय
टोंक. विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए घोषित पैकेज के तहत टोंक जिला मुख्यालय पर देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय खोला जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि विद्यालय में केवल विशेष पिछड़े वर्ग की कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को ही प्रवेश दिया जाएगा।
निवाई व उनियारा में देवनारायण आदर्श छात्रावास
टोंक जिले में देवनारायण आदर्श छात्रावास निवाई व उनियारा में बनाएं जाएंगे। प्रत्येक छात्रावास दो एकड़ जमीन पर बनेगा। छात्रावास में भोजन के लिए एक हजार रुपए, बिस्तर, तकिया खोली धुलाई के 25 रुपए, तेल, साबुन आदि के 30 रुपए, बिजली, पानी के 60 रुपए, समाचार पत्र पत्रिकाओं के 10 रुपए व स्कूल यूनिफार्म, जूते जुराब व टॉवल के 1,187 रुपए 50 पैसे प्रति छात्र दिए जाते हैं। छात्रावास में विशेष पिछड़ा वर्ग (गुर्जर समाज सहित पांच जातियां) के लिए 65 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत, जनजाति के लिए के लिए 10 प्रतिशत व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 10 प्रतिशत सीट आरक्षित रहेगी।

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