मातृभूमि के प्रति हमेशा निष्ठावान रहे हैं गुर्जर

Powered by Blogger.

चतुर्थ गुर्जर हिस्ट्री  कोंफ्रेंस के सम्बंध में आयोजित प्रेसवार्ता में बोले राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राम गोपाल गार्ड
जितेंद्र कसाना  
जालोर. राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राम गोपाल गार्ड ने कहा कि गुर्जर मातृभूमि के प्रति हमेशा निष्ठावान रहे हैं। वे यहां भारतीय गुर्जर परिषद एवं राजस्थान गुर्जर महासभा तथा श्री देवनारायण धर्माथ जन कल्याण ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में 20-21 फरवरी को जयपुर में हो रही चतुर्थ गुर्जर हिस्ट्री
कोंफ्रेंस के सम्बंध में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने गुर्जर जाति सहित देवासी, गाडिया लुहार, बंजारा जाति को दिये गये पांच प्रतिशत आरक्षण को जायज ठहराते हुए कहा कि अगर यह आरक्षण हमें नही दिया गया तो गुर्जर फिर से आंदोलन करेंगे। आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। 
प्रेसवार्ता में उनके साथ गुर्जर समाज के मंहत शितलाईनाथ जी महाराज, राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेश महामंत्री मोहन लाल वर्मा, प्रदेश मंत्री एवं जयपुर संभाग प्रभारी मोहनलाल बागडी, बन्ने सिंह कसाना एवं गुर्जर युवा महासभा जालोर अध्यक्ष पुनम सिंह गुर्जर मौजद थे। बैठक को अशोक गुर्जर, गुर्जर युवा महासभा जालोर के प्रवक्ता जितेन्दz कसाना, उम्मेद सिंह गुर्जर, चौथ सिंह गुर्जर ने भी सम्बोधित किया।
कई राज्यों से आएंगे इतिहासकार :
कोंफ्रेंस में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदे’ा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित देश के विभिन्न प्रान्तों के इतिहासकार भाग लेंगे। कोंफ्रेंस का विषय अपनी मातृ-भूमी के प्रति गुर्जरों का समर्पण एवं उनकी वर्तमान स्थिति होगा।
हिस्ट्री
कोंफ्रेंस की हिस्ट्री : सर्वप्रथम ’गुर्जर हिस्ट्री कोंफ्रेंस 1994 दिल्ली में हुई थी। द्वितीय कोंफ्रेंस 2000 कुरूक्षैत्र में एव तृतीय कोंफ्रेंस 2004 में सीकर में हुई थी।
कुरीतियों को त्यागें: उन्होंने स्थानीय भगवान देवनारायण मंदिर में जालोर गुर्जर समाज कि बैठक भी ली जिसमें उन्होंने गुर्जर समाज को समाज में मौजुद कुरितियों को त्यागने की बात कही। समाज को एक रखने पर बल देते हुए समाज की एकता बनाये रखने का आहवान कया।

0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment

Gadget

This content is not yet available over encrypted connections.

Gadget

This content is not yet available over encrypted connections.

सबसे ज्यादा देखी गईं