गुर्जर आरक्षण पर रोक

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हाइकोर्ट का राज्य सरकार को नोटिस, पूछा पचास फीसदी से अधिक आरक्षण क्यों ?
जयपुर। गुर्जरों को विशेष श्रेणी में आरक्षण देने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पचास फीसदी से अधिक आरक्षण कैसे देय है. यह अंतरिम आदेश मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जगदीश भल्ला और जस्टिस एमएन भंडारी की खंडपीठ ने राजस्थान विश्व विद्यालय के छात्र जी शर्मा के पत्र को याचिका मान कर सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए दिए. खंडपीठ ने मुख्य सचिव व महाधिवक्ता को कारन बताओ नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे कोर्ट के आगामी आदेश तक सरकारी नोकरियों व शेक्षणिक संस्थानों में पचास फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दें.
इस तरह हो गया था राज्य मैं आरक्षण 68 फीसदी
गुर्जर समाज के उग्र आंदोलन के बाद तात्कालीन भाजपा सरकार ने विधानसभा में गुर्जरों को विशेष श्रेणी में पांच फीसदी और गरीब सवर्णो को 14 फीसदी आरक्षण देने का विधेयक सर्व सम्मति से पास किया था। इस विधेयक पर पिछले दिनों राज्यपाल एसके सिंह ने हस्ताक्षर कर दिए थे। इसके बाद राज्य में गुर्जरों सहित विभिन्न जातियों को विशेष श्रेणी में शामिल कर पांच फीसदी और आर्थिक रूप से पिछडे गरीब सवर्णो को 14 फीसदी आरक्षण मिल गया था। सरकार के इस निर्णय के बाद राज्य में कुल आरक्षण 68 फीसदी हो गया।

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